समाचार निर्देश ब्यूरो ।एस डी सेठी । कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने हाय-तौबा मचा रखी है। ओमिक्रॉन को काबू में रखना है तो, ठंड से बचाव  जरूरी है। दहशत में लोग अपनी सेहत ओर जीवन की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित है। इस बीच बच्चों के अभिभावकों की बच्चों के प्रति आशंकित है, क्योंकि बच्चों के लिए वैक्सीन की अभी शुरूआत नहीं  हुई है। हालांकि नए साल में बच्चों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इस बीच अभिभावकों की चिंता को लेकर आयुर्वेद विशेषज्ञ और पंचकर्म अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डां आर. पी. पराशर  ने ओमिक्राॅन से बचाव के सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया है कि बच्चे हों या व्यस्क ओमिक्राॅन से बचने के लिए आवशयक है कि शरीर को ठंड से बचाया जाए। सिर छाती में ठंड लगने से मुंह नाक गले और छाती में सूजन आ जाती है। जिसमें वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण पूरी संभावना रहती है। लिहाजा ओमिक्राॅन में खासतौर से ठंडी चीजें  जिनमें चावल, दही, कढी, गौभी, मटर, उडद की दाल, केला, कोल्ड ड्रिंक, व आईस क्रीम जैसी ठंडी चीजों से बिल्कुल परहेज करें। खाने में घिया, तोरी, टिंडा, पालक, गाजर, सरसों, बथुआ, जैसी हरी सब्जियों का सेवन करें। साथ ही चने ओर मसूर की दाल, का प्रयोग करें। फलों में चीकू, सेब, आंवला, और अंगूर का प्रयोग फायदे मंद रहेगा। वहीं खजूर, किशमिश, के सेवन से पोषण तो मिलेगा ही साथ ही शरीर में गर्मी भी रहेगी।. बच्चों के लिए अभी वेक्सीनेशन की शुरूआत नहीं हुई है। ऐसे में बच्चौं को खजूर और किशमिश उबले हुए दूध के साथ दें। दूध में तुलसी, अदरक, और हल्दी उबाल कर लें। प्रतिदिन धूप में बैठने से भी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। 

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