निलौठी गांव मैं विभिन्न जिलों की भूमि अधिकरण पीड़ित किसान संगठनों की किसान पंचायत में प्रदीप धनकड़ के आमरण अनशन को उनके मुद्दे के सहित MSP सत्याग्रह यात्रा  में तब्दील करने का प्रस्ताव पास हुआ। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति राष्ट्रीय संयोजक रमेश दलाल ने किसान विरोधी भूमि अधिकरण काले संशोधन एवं प्रदीप धनखड़ के लाभांश मूल्य पर संपूर्ण खरीद गारंटी कानून दोनों मुद्दों को लड़ने के संकल्प के साथ आमरण अनशन को जागरण यात्राओं में तब्दील करते हुए अनशन तुड़वाया। पिछले 16 दिन से भूख हड़ताल आमरण अनशन पर बैठे प्रदीप धनखड़ की टीम भविष्य में सत्याग्रह स्थल पर ही आंदोलन को जारी रखेगी। सर्व खाप संयोजक डॉक्टर ओम प्रकाश धनखड़ ने अन्य वरिष्ठ खाप प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किसान नेता प्रदीप धनखड़ को समूचे प्रदेश में फसल खरीद कानून को प्राथमिक मुद्दे के तौर पर पूरा करने की लड़ाई में सहयोग का आश्वासन देकर मनाया। खाप नेताओं ने एक स्वर में कहा कि दोबारा से आंदोलन को गांव-गांव में सांकेतिक अनशन परदेस में व्यापक यात्राएं एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधित्व को शामिल कर केंद्र को कानून के लिए मजबूर किया जाएगा। डॉ शमशेर सिंह ने रैपिड रेल परियोजना के लिए एक करोड़ के लगभग सर्कल रेट घोषित मुआवजा से समय सीमा निरस्त कर सरकार को पीछे हटने की आशंका व्यक्त करते हुए नए संशोधन कानून को हथियार बनाकर कम लागत में जमीन छीनने की साजिश से किसान पंचायत में आए पीड़ित किसानों को आगाह किया है। MSP सत्याग्रह पर बैठे किसान नेताओं को फसल खरीद कानून के साथ जमीन छीनने के काले संशोधन रद्द करने के दोनों मामलों को सभी किसान संगठन खाप प्रतिनिधियों एवं पीड़ित किसानों के साथ हर गांव हर जिले अंतिम किसान को साथ जोड़कर गांधीवादी तरीके से आंदोलन को गांव से पुनर्जीवित करना आवश्यक है। लागत आए नहीं निकलने से देश में बढ़ती किसान आत्महत्या के लिए किसानों को त्वरित आधार पर प्रधानमंत्री को कानून की घोषणा करनी चाहिए। इसके साथ-साथ ने भाजपा शासित राज्यों में किसान विरोधी संशोधनों को सर्वोच्च न्यायालय के अधीन लंबित रॉक आदेश की स्थिति को देखते हुए हरियाणा के महामहिम राज्यपाल को भी आपत्ती के साथ हरियाणा भूमि अर्जुन कानून संशोधन को रद्द करना चाहिए या सदन में चर्चा के लिए पुन: समीक्षा के लिए प्रेषित करना चाहिए। पंजाब की व्यापारी वर्ग से जुड़े 32 से 24 राजनीतिक पर आयोजित जत्थेदार ने टिकैत और गुरुनाम के साथ मिलकर प्रदेश और देश के किसानों को धोखा दिया है। अबे प्रदेश के किसानों को किसी व्यक्ति विशेष के मौत जाल में ना फंस कर अपने मुद्दे को ही चेहरा बनाकर स्वयं अपनी लड़ाई लड़नी होगी। पांच चुनावी राज्य में किसानों के मुद्दे को रात के अंधेरे में बेचकर राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए उतरे किसान नेताओं को सबक सिखाना होगा। किसान जयपाल कुंडू, सुरेंद्र ढाकला,महेंद्र सिंह,देवेंद्र, शमशेर खत्री,बलजीत सिंह, कप्तान सिंह, संदीप शास्त्री, राकेश दलाल आशीष, जींद, दादरी, सोनीपत, हिसार किसान प्रतिनिधि ने आदि ने आन्दोलन को आगे बड़ाने की रणनीति पर विचार रूप रेखा त्यार की।

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